हूँ खड़ा आगे तेरे नज़रें झुका के मैं
नज़्में मेरे दिल की ये तुझको सुनाने दे
कि रातों को सोया नहीं मैं
कि दिन में भी खोया कहीं मैं
ओ, तेरे ख़यालों में गुम हूँ
अब मुझको मिलना नहीं है
नज़रें मिला ले, गोरी, हँस के बुला लो ना
तुझको चुराना चाहूँ, जग से चुरा लूँ क्या?
क़स्में ना खाऊँ मैं और वादों में मानूँ ना
तुझको चुराना चाहूँ, जग से छुपा लूँ क्या?
मा, मा पा धा सा नि पा
तुझको है पाया अब जो, बस यूँ ही रहने दे
नज़दीक आए हैं तो नज़दीक रहने दे
हाथों में मेरे तेरा तावीज़ रहने दे
नज़दीक आए हैं तो नज़दीक रहने दे
जो ख़्वाबों में उलझा हुआ था
कि अब जाके सुलझा कहीं मैं
कि तेरे ख़यालों में गुम हूँ
अब मुझको मिलना नहीं है
नज़रें मिला ले, गोरी, हँस के बुला लो ना
तुझको चुराना चाहूँ, जग से चुरा लूँ क्या?
क़स्में ना खाऊँ मैं और वादों में मानूँ ना
तुझको चुराना चाहूँ, जग से छुपा लूँ क्या?
नज़रें मिला ले, गोरी, हँस के बुला लो ना
तुझको चुराना चाहूँ, जग से चुरा लूँ क्या?
क़स्में ना खाऊँ मैं और वादों में मानूँ ना
तुझको छुपाना चाहूँ, जग से छुपा लूँ क्या?
Lyrics provided by LRCLIB