तू ही ज़हन में शाम-सवेरे
तेरी ही लब पे बात है
तू ही ज़हन में शाम-सवेरे
तेरी ही लब पे बात है
तुझसे मिला हूँ मैं जिस जगह पे
अब वो जगह भी ख़ास है
उसकी तरफ़ ही ले जाते हैं
मुझको ये मेरे क़दम
तो आ गए हम, तो आ गए हम
तो आ गए हम, ओ, सनम
तो आ गए हम, तो आ गए हम
तो आ गए हम, ओ, सनम
मुझे वहाँ तू मिल जाए
तू मिल जाए, मेरे हमदम
तो आ गए हम, तो आ गए हम
तो आ गए हम, ओ, सनम
उफ़, तेरी क्या बात है, तुझ पे हूँ मैं फ़िदा
वरना दिल मैं किसी को देता नहीं, बाख़ुदा
तुझ से ही मिलने को चाहे
दिल ये मेरा हरदम
तो आ गए हम, तो आ गए हम
तो आ गए हम, ओ, सनम
तो आ गए हम, तो आ गए हम
तो आ गए हम, ओ, सनम
ढूँढ के भी ना मिले कोई भी तेरी तरह
फिर मैं क्यूँ ज़ाया करूँ वक्त अपना भला?
तेरे संग ही मैं गुज़ारूँ
जीने के हर मौसम
तो आ गए हम, तो आ गए हम
तो आ गए हम, ओ, सनम
तो आ गए हम, तो आ गए हम
तो आ गए हम, ओ, सनम
मुझे वहाँ तू मिल जाए
तू मिल जाए, मेरे हमदम
तो आ गए हम, तो आ गए हम
तो आ गए हम, ओ, सनम
तो आ गए हम, तो आ गए हम
तो आ गए हम, ओ, सनम
Lyrics provided by LRCLIB